सुदर्शन

देशी रणबांकुरे : द ग्रेट रणवीर्स (व्यंग्य/कार्टून)

Posted by K M Mishra on April 8, 2010

’12 वर्ष पूर्व हुये लोमहर्षक लक्ष्मणपुर बाथे नरसंहार मामले में कोर्ट ने कल अपना फैसला सुनाते हुये 16 अभियुक्तों को फांसी और दस को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है । प्रस्तुत है रणवीर सेना पर लिखी गयी उसी वक्त की एक व्यंग्य रचना ।”

जहानाबाद के शंकर बिगहा गांव में 22 दलितों को ग्रेट रणवीर्स ने दलिया की तरह दल कर भून दिया । ब्रेवो, बकप रणवीर्स । आज़ाद हिंदुस्तान में इन पारंपरिक कार्यों को संपन्न करने की जिम्मेदारी अब तुम्हारे कंधों पर है । जब भारत के पचासवें गणत्रंत दिवस की पूर्व संध्या पर एक दलित राष्ट्रपति राष्ट्र के नाम संदेश दे रहा था । ठीक उसी वक्त तुमने दलितों को उनकी औकात बता दी । संपूर्ण राष्ट्र तुम्हारे इस साहस से आत्मविभोर हुआ जा रहा है । सारा विश्व तुम्हारे संकल्प को देख कर आश्चर्यचकित है । अफसोस सिर्फ इस बात का है कि इस नाम मात्र के प्रजातांत्रिक देश में तुम्हे कोई तमगा देने वाला नहीं है । पर कोई बात नहीं, तुम मेरी कोटि-कोटि बधाईयाँ सहर्ष स्वीकार करो । आज तथागत की भूमि बिहार तुम्हारा नमन कर रही है । बुध्द के शांति संदेश भी इतनी तेजी से प्रसारित नहीं हुये होंगे, जितनी तेजी से तुम्हारे वीर कर्म पूरी दुनिया में फैलकर भारत की सहिष्णुता, आपसी भाईचारा के संदेश को खंडित कर गये । सलाम है तुमको ।

मनु महाराज जब हिंदू वर्ण व्यवस्था के नियम लिख रहे होंगे, तब उन्हें क्या पता था कि एक खास वर्ण का कार्य बाद में बदल जायेगा । आज ब्राह्मण, क्षत्रीय, और वैश्य शूद्र का शोषण कर रहे हैं । ब्राह्मण धर्म का पालन करने वाले नियम बनाता है और बताता है : ”इन चमार पासियों को निकाल बाहर करो मंदिर से । छूना नहीं बे ।” क्षत्रीयों का काम है देश की रक्षा पर अगर देश पर संकट न हो तो दलितों से मुठभेड़ । वैश्य व्यवसाय करता है और सस्ती दर पर गुलामी के लिये इन छोटों को पकड़ता है । शूद्र : इनके काम में काफी बढ़ोत्तरी हुई है । इसको इन तीनों के द्वारा ढ़ाये जुल्म को झेलना है । किसी भी जाति का वीर इनको कहीं भी धर कर रगड़ देगा । दलित स्त्रीयों से राक्षस विवाह करने में तो पुलिस भी पीछे नहीं रहती है । सरकार कहती है कि हरिजनों को मुख्य धारा में लाया जा रहा है । अत: आंकडों को सिध्द करने के लिये अधिकतर दलित युवको की मौत हवालात में और बलात्कार पुलिस स्टेशन में क्रियान्वित किये जाते हैं । तालाब में खड़ा सफेद बगुला ही निरीह मछलियाँ खाता है ।

भारत सरकार को, बिहार को एक संरक्षित प्रदेश घोषित कर देना चाहिये । इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने की बहुत संभावनायें हैं । जिन्होंने गुलाम हिंदुस्तान नहीं देखा है उन्हें बिहार देखने आना चाहिये । जहाँ आज भी जमींदारी चलती है । चकबंदी चाहे सारे देश की जमीनों की हो जायें पर बिहार में नहीं ही सकती हैं । ऊंची जातियों के लोगों ने अपनी जमीनें नहीं छोड़ी हैं । वे आज भी सैकड़ों-हजारों बीघा जमीन पर राज करते हैं । दलित उनसे उनकी जमीनें न ले लें इसलिये रणबीर सेना बनाई है । रणबीर सेना के मुखिया महूर्त निकाल कर नर संहार करते हैं । ”पंडित जी कोई अच्छा सा महूर्त निकालिये। ”

”जजमान, नर संहार के लिये गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति के भाषण के समय सवार्थ सिध्दि योग है । जितनी गोली दागेगें उतने ही नीच मुक्ति पायेंगे । ”

देश-विदेश से लोग लक्ष्मणपुर बाथे और शंकर बिगहा गांव घूमने आयेंगे । टूरिस्ट गाईड बतायेगा ” और श्रीमान ये है वो ऐतिहासिक स्थल जहाँ पर 61 लोगों को गोलियों से भून दिया गया था । अब आप लोगों को जलियांवालाबाग देखने के लिये पंजाब जाने की कोई जरूरत नहीं है । आप लोगों की सुविधा के लिये और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये अब ऐसे काम हमारे यहाँ रणबीर सेना कर रही है ।”

रणबीर सेना के वीर बूढ़े, बच्चों, जवानों, औरतों सबको एक नजर से देखते हैं । वो किसी के साथ भेदभाव नहीं करते हैं । यही सच्ची मानवता है । अब जैसे कुछ वीर हाथों में राइफल लिये एक झोपड़ी में घुसते हैं । वहाँ पर औरतें और बच्चे सो रहे हैं । तो वे बिना किसी संकोच के एक एक टेबलेट अपनी राइफल से दाग कर उनके सारे कष्ट हर लेते हैं । रणबीर्स का सिध्दांत है – मर्दों को मार दो ये हमसे अपना अधिकार बल पूर्वक मांगेंगे, औरतों को मार दो क्योंकि ये लड़के पैदा करके मर्दों की संख्या बढ़ायेंगी, लड़कों को मार दो ये एक दिन जवान मर्द हो जायेंगे, लड़कियों को मार दो ये बाद में औरतों का दायित्व संभालेंगी । बूढ़ों का मार दो ये आने वाली पीढ़ी को बदला लेने के लिये उकसायेंगे । खत्म कर दो इस पूरी कौम को ये हमसे अपना अधिकार मांगते हैं ।

काहे नहीं भइया, खत्म कर दो सब दलितों को लेकिन जब तुम्हारे खेत पर काम करने के लिये मजूर नहीं मिलेंगे तो याद अयेगा वो वो घुरहू जिसको परसों तुमने सपरिवार खत्म कर दिया था । तुम्हारे पैरों को जूता देने वाला हरिया चमार तुम्हारे डर से कहीं दूर भग गया । शादी-ब्याह में कुल्हड़ बनाने वाले बचई चमार को तो तुम उसके ही घर में फूँक आये थे । धुरन्धर धोबी तुम्हारे कपड़े अब नहीं धोयेगा क्योंकि उसके बूढ़े हाथों को सहारा देने वाले उसके दोनों बेटों को तो तुम परसों रात काट आये थे ।

वीर और सम्मानित रणबीर्स, यह हमारा हिंदू समाज जिसमें चारो वर्ण आते हैं मात्र विभिन्न जातियों का एक समूह नहीं है । ब्राह्मण बुध्दि का काम करता है । क्षत्रिय हाथ का काम करता है और रक्षा का भार उसके ऊपर रहता है । वैश्य पेट का काम करता है । व्यवसाय करके वह धन अर्जित करता है और वह धन रक्त की भांति पूरे शरीर में संचारित होता है । शूद्र हमारी गुर्दे और आंते हैं । शरीर की सफाई का काम इनके जिम्मे होता है । भले ही इस काम से धिन आती है पर इसको कम करके नहीं आंका जा सकता है । आज बुध्दि भ्रष्ट हो गई है और वह हाथों को आदेश दे रही है कि आंतों और गुर्दों को निकाल बाहर करो । यह मल-मूत्र ढ़ोते हैं । गंदे, छि: । बे अकल रणवीर्स! क्यों अपनी हत्या अपने हाथों कर रहे हो । अगर यह ढांचा टूट गया तो हम सब बिखर जायेंगे, मिट जायेंगे । आज़ाद हिंदुस्तान में सबको जीने का हक है । सब तरक्की करें, सभी की खुशहाली में हमारी और देश की खुशहाली है । हम चार भाई काहे पट्टीदारी निभा रहें हैं । तुम छोटे के मुँह का निवाला छीन रहे हो, तुम्हारा बड़प्पन तो इसमें है कि अगर छोटा भूखा है तो उसके मुँह में अपना निवाला डालो । अब भी नहीं समझोगे तो इण्डियन पैनल कोड तुमको ठीक से समझा देगा ।

मेरी भगवान से प्रर्थना है कि वो भारत सरकार को शक्ति दे ताकि वह आपकी राक्षसी वीरता पर अंकुश लगा सके । भगवान से प्रर्थना इस लिये क्योंकि सारे नेताओं ने अपनी अपनी वियेग्रा खिला कर पूरे तंत्र को नपुंसक बना दिया है ।

62 Responses to “देशी रणबांकुरे : द ग्रेट रणवीर्स (व्यंग्य/कार्टून)”

  1. Badhai, bahut baddia likha aapne.

    वीर और सम्मानित रणबीर्स,…छोटा भूखा है तो उसके मुँह में अपना निवाला डालो ।

    Is paragraph se thodi aaptti hai kyon ki yeh patronizing hai. Yeh, chhote bade ka bhed hi to sari musibat ki jad hai. Sab manushya barabar hein. Daliton ko swarn jation se reham nahin manav hone ka barabar ka haq milna chahiye. Mahatma Gandhi ne bhi Harijan shabd ka pryog kar unki aatm satta ko ek tarah se nakara hai.

    Tourism ko badawa dene wala sujhaw baddiya hai.

    Desi Girl

  2. गिरिजेश राव said

    तार तार कर दिया बन्धु! कुछ नहीं छोड़ा – सब उघार दिया।

  3. Gyandutt Pandey said

    मेरी भगवान से प्रार्थना है कि इस धरती को हजार के नोटों की माला से पाट दें। वास्तविक दलितोद्धार उसमें नहित है।

  4. Gyandutt Pandey said

    मेरी भगवान से प्रार्थना है कि इस धरती को हजार के नोटों की माला से पाट दें। वास्तविक दलितोद्धार उसमें निहित है।

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