सुदर्शन

मराठी वनमानुषों का हल्लाबोल । (व्यंग्य/कार्टून)

Posted by K M Mishra on November 17, 2009

सचिन की टिप्पणी ”मैं मराठी हूं पर पहले मैं एक भारतीय हूँ” पर चिंचिआये बुढऊ बाल ठाकरे ने सचिन को फोकट की नसीहत दे डाली ”आप क्रिकेट की पिच पर चौके छक्के लगाने के लिये स्वतंत्र हैं लेकिन राजनीति की पिच से दूर रहें (क्योंकि बुढऊ ठाकरे अपने भतीजे से ही पार नहीं पा रहे हैं सचिन भी अगर राजनीति में उतर गये तो उनको रिटायर्ड हर्ट हो जाना पड़ेगा) । आपके इस बयान से मराठी मानुष दुखी हुआ है ।” मराठी मानुष का तो पता नहीं पर मराठी वनमानुष के टेसुए जरूर बहने लगे हैं ।

बुढऊ ठाकरे भी मजबूर थे । इससे पहले की उनका वनमानुष भतीजा मुद्दे पर हाथ साफ करता उन्होंने डाईव मार कर मुद्दे को कैच कर लिया । राष्ट्रीय स्तर पर गाली खाने के लिये उन्हें कोई अंतर्राष्ट्रीय स्तर का घटिया बयान देना था । उन्होंने दिया और बदले में उन्हें पूरे देश से ‘गेट वेल सून’ के संदेश प्राप्त हुये । सनकने की कोई उम्र नहीं होती । चचा-भतीजे के पास और कोई काम नहीं है । एक पट्ठा विधानसभा को अखाड़ा बनाये हुये है तो दूसरा चांद की तरफ मुंह कर के लघु शंका से निवृत हो रहा है ।

बी. सी. सी. आई. उपाध्याक्ष, कांग्रेस रत्न श्री राजीव शुक्ल ने दशकों बाद कोई अच्छी बात कही ”ठाकरे मो0 अली जिन्ना की भाषा बोल रहे हैं ।” इस बयान से दो बातें पता चलती हैं कि कांग्रेसी जिन्ना को अच्छा आदमी नहीं मानते हैं और दूसरी बात राजीव शुक्ल का यह बयान कांग्रेसी नीतियों से कोसों दूर है । राजीव शुक्ल को इस बयान के लिये सोनिया गांधी शांति पुरस्कार से नवाजा जाना चाहिये । वनमानुष चचा के वनमानुष भतीजे को पाला पोस कर कांग्रेस ने ही खड़ा किया है । अगर कांग्रेस हृदय से इस देश के संविधान में आस्था रखती है तो संविधान की मूल भावना और देश की एकता और अखंडता के साथ दुराचार करने वाले इन दोनों मराठी वनमानुषों की पार्टी को प्रतिबंधित करने के लिये उसे इलेक्शन कमीशन का दरवाजा खटखटाना चाहिये ।

कांग्रेस ने अंग्रेजों से सत्ता पाई । अंग्रेजों ने भारत पर लगभग 200 साल ‘डिवाईड एण्ड रूल’ पॉलिसी की मदद से राज किया । सत्ता पर लम्बे समय तक कब्जा बनाये रखने के लिये कांग्रेसियों ने भी इसी पॉलिसी का सहारा लिया । वोट काटो और राज करो । इस काम के लिये वोट कटवा वनमानुषों की जरूरत पड़ती है इसलिये अलग अलग राज्यों में वनमानुषों को मजबूरीवश पालना पड़ता है । महराष्ट्र और आंध्रप्रदेश इसके ताजा उदाहरण् हैं ।

ठाकरे के इस बयान से महान सचिन का कुछ भी नुकसान नहीं हुआ पर दुनिया को पता चल गया कि बूढ़ा वनमानुष तन से अब भी स्वस्थ्य है अलबत्ता दिमाग जरूर पहले की तरह अस्वस्थ है । मैं तो ईश्वर से दोनो चचा-भतीजे के मानसिक स्वास्थ्य की कामना करता हूँ और गेट वेल सून के मंत्र का जाप करता हूँ । आप भी मित्रों इसी मंत्र का जाप करिये ।

=>सचिन क्रिकेट खेलो, क्रिकेट । राजनीति मत खेलो ।

12 Responses to “मराठी वनमानुषों का हल्लाबोल । (व्यंग्य/कार्टून)”

  1. बहुत करारा व्यंग्य.

  2. P.C.Godiyal said

    “मराठी वनमानुष”- बहुत सटीक शब्द इस्तेमाल किया, बधाई ! एकदम फिट बैठता है इन देशद्रोहियों पर !

  3. आपके इस व्‍यंगात्‍मक प्रहार का क्‍या कहना, सही कहा आपने इस प्रकार देश बाटने वाली बाते ठीक नही।

  4. Puneet K Malaviya said

    Wah wah

  5. राष्ट्रीय स्तर पर गाली खाने के लिये अंतर्राष्ट्रीय स्तर का घटिया बयान
    गेट वेल सून
    चांद की तरफ मुंह कर के लघु शंका से निवृत
    सोनिया गांधी शांति पुरस्कार
    वोट कटवा वनमानुष
    __________________

    भैया, इस पैनी बुनावट पर मुग्ध भए। इतने दिन आग लगाए रखे ! क्या इसी आग की प्रतीक्षा में थे?
    आग से मत खेलिए, आग जला देती है (अटल नकल राजनाथ मॉडल)
    ……………………….
    दूसरी लाइन खुदे पूरा कर ल्यो, हम का बकधुन करने का ठीका लिए बैठे हैं😉

  6. K M Mishra said

    आग से मत खेलिए, आग जला देती है (अटल नकल राजनाथ मॉडल)

    पर जठराग्नि से कोई पार नहीं पा सकता । गृहस्थी का चूल्हा जलाने के लिये भी तो आग की जरूरत पड़ती है । उसी के लिये दिनरात की मगजमारी है ।

  7. Umda soch said

    अंतर्राष्ट्रीय स्तर का ओजस्वी लेख !

    पोस्ट पर बन्दर की फोटू ,कभी इधर कभी उधर – सेम टु सेम चचा भतीजा !!!

  8. भैया ठीक ही कह रहे हो

  9. कमाल का लिखा है. ‘कांग्रेस रत्न’ तो गजब का रहा. बाकी गिरिजेश जी ने लिख ही दिया है.

    धन्यवाद देते हैं ज्ञान चतुर्वेदी जी को, जिन्होंने आपको अपने नाम से लिखने के लिए उकसाया….:-)

  10. Marquitta said

    This is a fantastic blog post cheers for sharing this informative information.. I will visit your weblog regularly for some latest article. Best wishes, Marquitta.

  11. hey just stumbled on your site, its pretty insightful, especially that post… thx. i just bookmarked it. btw, wheres your rss feed?

  12. […] This article provides a complete overview to employment flow management, the supervision of trade processes with data technology. By limiting, studying, and redesigning an organization’s resources and procedures, these schemes ensure that the fair data influences the fair person or machine application at the fair age. The basic overview of management and organisation, as well as elaborated coverage of employment flow imitation is provided. More information: more info […]

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: