सुदर्शन

चार मजेदार खबरें (व्यंग्य/कार्टून)

Posted by K M Mishra on September 8, 2009

पहली खबर तो यह कि राष्ट्रपति भवन भी अब चोरों से सुरक्षित नहीं रहा । किसी युवा चोर ने, जिसका दिमाग निश्चित ही कंप्यूटर से तेज दौड़ता होगा, वह कर्मवीर शरीर शौष्ठव प्रतियोगिताओं से प्रेरित हो कर राष्ट्रपति भवन परिसर स्थित हेल्थ क्लब से एक अदद कंम्यूटर और छ: डंबल उड़ा ले गया । दिल्ली पुलिस हलकान है । पुलिस सभी छाती फुलाये, सिक्स-पैक, एट-पैक तराशे, बांहों पर मछलियां पाले युवाओं को घूर घूर कर देख रही है । राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल आजकल रूस के दौरे पर हैं । चोर ने घर खाली देख कर कंप्यूटर और डंबल्स पर हाथ साफ कर दिया । बुढ़िया मर गयी इसका अफसोस नहीं है पर मौत ने घर देख लिया ।

चौयकर्म जब से सभ्यता का विकास हुआ है तभी से बड़ा ही लाभदायक पेशा माना जाता रहा है । ये एक तरह का प्रोफेशन है । यह दिमागदार और कुशल व्यक्तियों का पेशा है । बस इसमें इंकम टैक्स तुरंत जमा करना पड़ता है अन्यथा कारागार जो कि ससुराल जैसा ही सम्मानित स्थान है में कुछ समय के लिये जबरन रहना पड़ सकता है । टैक्स लेने वाले लोग भी वही होते हैं जिनका काम लॉ एण्ड आर्डर मेनटेन करन होता है । अब वो भी बाल बच्चेदार किस्म के मजबूर जीव होते हैं इसलिये सुरक्षा और टैक्स वसूलने की जिम्मेदारियां एक साथ उठाते हैं । चौर्यकर्म के लिये बड़ी ही तीक्ष्ण दृष्टि होनी चाहिये । दूसरे की बहुमूल्य वस्तुओं से प्रेमवश निकटसंबन्ध स्थापित करने का जुनून होना चाहिये (बहुत से सफल चोर तो ये मान कर चलते हैं कि अमुक वस्तु उन्हीं की है, फलां व्यक्ति तो मात्र न्यासी होने का धर्म निभा रहा है और अब उसको इस कर्तव्य से मुक्त कर देना चाहिये) । उस चल सम्पत्ति को उठा कर सफलतापर्वूक फुट लेने की कूवत होनी चाहिये । मित्रों एक चल सम्पत्ति तो ऐसी भी होती है जो कि स्वयं चल कर आपके पास आती है और आप उसे गह कर चंपत हो सकते हैं । उस सम्पत्ति को चुराने का आप पर कोई इल्जाम या अपराध भी नहीं लगेगा । और तो और कुछ परिस्थितयों में तो उस सम्पत्ति का मालिक आपका ऋणी भी रहेगा । इतना दिमाग पर जोर मत डालिये । रोज अखबार मं पढ़ते तो हैं आप कि फलां की बीवी फलां के साथ भाग खड़ी हुयी । भारतीय दण्ड संहिता में इसे अपराध की श्रेणी में नहीं रख गया है । आप इसे समाजसेवा भी मान सकते हैं । चौयकर्म में प्रोमोशन के भी अच्छे चांस होते हैं । धीरे धीरे आदमी पालिटिक्स में आ जाता है फिर लम्बे हाथ मारने लगता है और विदेशी बैंकों में लूट का माल जमा करता है । सफल लोगों की कहानियां सुन सुन कर अंत में अपना ही कलेजा दुखेगा । खैर । दूसरी खबर पर भी दृष्टिपात करें ।

दूसरी खबर और भी जोरदार है । पिछले व्यंग्य लेख में मैंने आपको बताया था कि आंध्र प्रदेश के दिवंगत मुख्यमंत्री राज शेखर रेड्डी के गम में 142 लोगों ने अपने प्राण विसर्जित किये थे यानी कि आत्महत्या कर ली थी । नये आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल 344 लोगों ने खुशी-खुशी खुदकुशी की है । गिनीज बुक वाले अगर सो न रहे हों तो कृपया काम पर लग जायें । एक अदद रिकार्ड के लिये इतनी लाशें उनके लिये काफी होंगी । भारतीय दंड संहिता में आत्महत्या के प्रयास को अपराध माना गया है पर आत्महत्या को अपराध नहीं माना गया है । मरे हुये को आप कैसे दण्डित करोगे । आंध्र की कांग्रेस सरकार ने कानून के इसी छेद का फायदा उठाते हुये सभी आत्महत्या करने वालों के परिवार को मुआवजा देने की घोषण की है । अब आंध्र सरकार आत्महत्या को सरकारी प्रोत्साहन दे रही है । आप खाली बैठे हैं, बेरोजगार हैं तो किसी भी कांग्रेसी नेता के समर्थन में देह त्याग दीजिये । आपको शहीद का दर्जा और मुआवजा दोनो तुरंत मिलेगा । आपके पीछे आपके बाल बच्चे आपको दुआएं देंगे । अपने समर्थकों के लिये और वोट बैंक बढ़ाने के लिये कांग्रेस ऐसे कृत्य सहर्ष करती है । जैसे कि अभी हाल ही में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने आतंकवादियों के परिवारों को पेंशन दी और माननीय सुप्रीम कोर्ट ने एक घोषित अपराधी के परिवार को मुआवजे में दस लाख रूपये देने का आर्डर किया । विस्तार से जानने के लिये सुरेश चिपलनूकर के ब्लॉग पर विजिट करें ।

अगली खबर नितांत शक्तिवर्धक है और इस खबर को डाबर च्यवनप्राश और असली शिलाजीत बनाने वाली कम्पनी दोनो ने एक साथ प्रायोजित किया है । राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत ने रविवार को अहमदाबाद में कहा कि संघ के पास किसी भी राजनीतिक दल से अधिक ताकत है । उनके इस कथन पर किसी और राजनीतिक पार्टी को एतराज हो सकता है पर भाजपा को नहीं । रोहतक से भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह का बयान आया कि पार्टी में अगर किसी ने जिन्ना के महिमा मंडन की जुर्रत की तो उसकी खैर नहीं ।

और अंत में बिलिय‌र्ड्स के बादशाह, भारत के लाल, पंकज अडवाणी को ढेरों बधाई जिसने कल वर्ल्ड प्रोफेशनल बिलिय‌र्ड्स चैंपियनशिप जीत कर देश का नाम रोशन किया ।
=>जियो भारत के लाल । शाबाश बहादुर । ऐसे ही देश का नाम ऊंचा करते रहो ।

मजेदार खबरों का सिलसिला यही रोकता हूँ क्योंकि बिजलीरानी के जाने का समय हो गया है और मेरे कंप्यूटर का यूपीएस बिगड़ा पड़ा है । जय रामजी की ।

11 Responses to “चार मजेदार खबरें (व्यंग्य/कार्टून)”

  1. जियो और ऐसे ही खबरें जुगाड़ते रहो!

  2. शाबाश बहादुर

  3. shama said

    Padh rahee hun…25 paise ke liye ek muqaddama padhana hai abhi..!

    http://shamasansmaran.blogspot.com

    http://lalitlekh.blogspot.com

    http://baagwaanee-thelightbyalonelypath.blogspot.com

    http://kavitasbyshama.blogspot.com

  4. S.R.Bharti said

    Bhai waah ,
    Mishra Ji
    Bahut maza aaya . aise hi likhate rahiyein.

  5. Sorry for that huge review, but I’m really loving the newest Zune, and hope this, along with the excellent reviews a few other everyone has written, will let you determine if it’s the answer you’re looking for.

  6. You completed several good points there. Used to do specific searches within the issue and located almost all people is going along with with your blog.

  7. Many thanks for sharing superb informations. Your websiteis so cool.I am stunned at the important points that you’ve within this blog. It reveals how nicely someone perceives this subject. Bookmarked this website, should come backfor extra articles. You, my mate, ROCK! I ran across this can be the info I already searched all over the place and simply couldn?t run into. That of a ideal website. I prefer this web website whilst your website is without a doubt one of my new favorite ones.I favor this fabulous website given and possesses given me some sort of dedication to have success for most purpose, so thanks

  8. Steffanie said

    Thanks a lot for another terrific blog post. Where else could anyone get that kind of information in such a perfect way of writing? I have a presentation next week, and I am on the look for such information. My best regards, Steffanie.

  9. I want to to thank you for this good read!! I absolutely
    loved every little bit of it. I’ve got you book-marked to
    look at new things you post…

  10. Thanks for the auspicious writeup. It if truth be told used to be
    a amusement account it. Look advanced to more delivered
    agreeable from you! However, how can we communicate?

  11. local gay said

    It’s a shame you don’t have a donate button! I’d without a
    doubt donate to this brilliant blog! I suppose for now i’ll settle for
    book-marking and adding your RSS feed to my Google account.
    I look forward to new updates and will share this site
    with my Facebook group. Chat soon!

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: