सुदर्शन

फिर भाईयों की रक्षा कौन करेगा । (व्यंग्य/कार्टून)

Posted by K M Mishra on August 5, 2009

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फिर भाईयों की रक्षा कौन करेगा

5 Responses to “फिर भाईयों की रक्षा कौन करेगा । (व्यंग्य/कार्टून)”

  1. wah k m sir aap kya likhte hai aap ka to hath chumne ka man karta hai.aap bhut badhiya likhte hai hume aasa hai ki aap jald hi hamare tamil vasiyo ke liye jaroor kuch likhege.
    THANKYOU.

  2. अब तो बहनें बहुत सक्षम हैं आप आजमा कर देखिए।

    रक्षाबंधन पर शुभकामनाएँ!
    विश्व-भ्रातृत्व विजयी हो!

  3. Girijesh Rao said

    चलिए इसी बहाने एक दुर्घटना टली नहीं तो अभी आप ‘गुड्डी’ को सँभाल रहे होते।
    मिठाइयों वाली आप की बात से मैं सहमत हूँ। एकाएक डिमांड बढ़ने पर कोई रास्ता तो अपनाना ही चाहिए। ऐसी खोज हम भारतीयों के ब्रिलिएंट मस्तिष्क ही कर सकते हैं।

  4. भली कही जी। आपको बधाई जो चटर्जी जी से बच गये।
    लेकिन मुझे आशंका है कि बाद वाली बात ‘अंगूर खट्टे हैं’ की मिसाल तो नहीं?🙂

  5. sahee hai sir. lage raho. aap jaisa koi aur likh paaye, jara mushkil hai.🙂

    blogroll me link update kar len.

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