सुदर्शन

रामपुर की बसंती (जयाप्रदा) (व्यंग्य/कार्टून)

Posted by K M Mishra on May 16, 2009

=>नाच मेरी बुलबुल तुझे पैसा मिलेगा, ऐसा कदरदान तुझे कहां मिलेगा ।

=>मैं इतना ज़ोर से नाची आज, की घुंघरू टूट गये ।

=>जरा नचनिया के हाथ पांव तो देखो ।  बहुत करारे है साले ।  इ रामपुर की कौने चक्की का पिसा आटा खाती है ।

(चुनाव के दौरान रामपुर में जयाप्रदा के अश्लील पोस्टर लगाये गये थे और उनकी अश्लील सी.डी. बांटी गई थी । अमर सिंह का आरोप है कि ये शुभ काम आज़म खां के दिशा निर्देशन में किया गया था ।)

5 Responses to “रामपुर की बसंती (जयाप्रदा) (व्यंग्य/कार्टून)”

  1. bhai vah vah maza aagaya…..
    LAGE RAHO JANAB

  2. बहुत बढ़िया . आपकी चिठ्ठे की चर्चा समयचक्र में

  3. सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said

    🙂

  4. रामपुर में इन पोस्टरों को अभी भी अश्लील ही कहा जाता है!

  5. There is clearly a bundle to know about this. I consider you made various good points in features also.

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