सुदर्शन

बच के रहना रे बाबा । (हास्य-व्यंग्य)

Posted by K M Mishra on April 12, 2009

                                                            – नरेश मिश्र

 

साधो, एक बहुत पुरानी तुकबंदी पेशेखिदमत है । मुलाहजा फरमाओ –

 

कहा- हम चीन जायेंगे ।

कहा- तुम चीन को जाओ मगर जापान का डर है ।

कहा- जापान तो होगा ।

कहा- हम ऊंट पर चढ लें ।

कहा- तुम ऊंट पर चढ लो मगर कोहान का डर होगा ।

कहा- कोहान तो होगा ।

 

शायर की इसी तर्ज पर हमने तुकबंदी कुछ इस तरह से मिलायी है –

 

कहा- संसद चले जायें ।

कहा- संसद चले जाओ मगर आतंक का डर है ।

कहा- आतंक तो होगा ।

 

साधो, ताजा तरीन खबर ये है कि चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों पर दहशतगर्द हमले का खतरा मंडरा रहा है । यह खतरा सेकुलर उम्मदीवारों पर कम भाजपाइयों पर ज्यादा है । इस आशंका के जरिए कम से कम यह खुलासा तो हो गया कि दहशतगर्द किसे अपना भाई मानते हैं और किसे दुश्मन समझते हैं । कौन राष्ट्रवादी है और कौन कट्टर मजहबी ताकतों के सामने झुकने को तैयार है ।

 

खबर मिली है कि लगभग बीस फिदायीन सांप तो रेंग कर हमारे मुल्क के अंदर दाखिल हो गये हैं । इनमें सात नागिने हैं । हमें नागिनों के जहर से डर नहीं लगता । शायर ने फरमाया था कि मौत भी इसलिए गवारा है कि मौत आता नहीं, आती है । हम जइफी के दिनों में भी मादानस्ल पर फिदा होने को तैयार हैं । मौत का एक दिन मुकर्रर है, नींद क्यूं रात भर नहीं आती । हमारी मौत अगर किसी मादा फिदायीन के हाथों हुई तो खुद को हम धन्य समझेंगे । बड़े-बड़े राक्षसों को देवियों ने मार गिराया था और उन्हें मुक्ति मिल गई थी । हमारी मौत हुई तो सरकारी खाते में वह मय शहादत के बतौर दर्ज  नहीं होगी । इस मुल्क में आतंकवाद के शिकार निहत्थे नागरिकों को शहीद नहीं, दया का पात्र समझा जाता है । उनकी मौत अगर साबित हो जाये तो वारिसान को कुछ न कुद मुआवजा मिल जाता है । मरने वाला वजनदार हुआ तो पेट्रोल पम्प, जमीन का टुकड़ा या उत्तराधिकारी को नौकरी भी मिल सकती है । दहशतगर्द हमलावरों को सिर्फ निंदा या कठोर चेतावनी मिलती है । दहशतगर्द इस निंदा या चेतावनी पर हंसते हैं और कहते हैं माईफुट

 

अब लोकतंत्र की यह रवायत बुस गई है । इसमें फंफूद लग गई है । लेकिन हमारी सरकार को इसकी बदबू विचलित नहीं करती है ।

 

तो भाजपा नेताओं और प्रत्याशियों की गर्दन पर तलवार लटकी है, उन्हें सुरक्षित करने का प्रयास तो सरकार को करना ही चाहिए । लोकतंत्र के इस तकाजे की अनसुनी करने वाली सरकार को कोर्ट फटकार भी लगा सकती है ।

 

अब सरकार को हमारा सुझाव मानना चाहिए । सभी भाजपा प्रत्याशियों को एक मुश्त कैद करके जेल में बंद कर दीजिए । न वे बाहर निकलेंगे, न उनकी जान को खतरा होगा । वरूण गांधी के साथ यही प्रयोग हुआ है । और यह सफल भी रहा है । जेल में रह कर भाजपा प्रत्याशी अपनी बात वीडियो कांफ्रेसिंग से कह सकते हैं । हर जेल में एक स्टूडियो बनाना चाहिए । हांलाकि किराये का श्रोता बन कर भी कोई फिदाईन जेल में दाखिल हो सकता है । यह रास्ता फूल प्रूफ तो नहीं, लेकिन अपेक्षाकृत सुरक्षित है । वैसे मौत को कोई रोक नहीं सकता है । मलिकुल मौत की डिग्री होती है तो कोई अपील दलील काम नहीं करती है ।

 

इन दिनों राहुल बाबा बड़े जोश में हैं । आडवाणी जी से पूछते हैं संसद पर आतंकवादी हमला हुआ तो   क्या किया । इंण्डियन एयर लाइंस विमान को कंधार ले  जाया गया तो क्या किया । राहुल बाबा अभी बच्चे हैं । नादानी में अपने चचरे भाई वरूण की तरह बेसुरे हो जाते हैं । इन्हें कौन समझाये कि आडवणी जी ने अपने शासन काल में कुछ नहीं किया तो जनता ने दण्ड स्वरूप उन्हें कुर्सी से बेदखल कर दिया । अब आपकी बारी है । आप बताएं कि आपकी पार्टी को भी कुर्सी से बेदखल क्यूं न कर दिया जाये । मुर्दे के सिर से जितनी बार कफन हटाइएगा उतनी बार रूलाई आयेगी । इस रूलाई के दौरान आपके घड़ियाली आंसू तो थम जायेंगे लेकिन मुर्दे की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा ।

 

बहर कैफ, हमने फैसला कर लिया है कि हम ही सेकुलर ढोंग रचाएंगे । इस मुल्क में अपनी जान बचाने और जनता की आंखों में धूल झोंकने का इससे उम्दा तरीक और कुछ नहीं हो सकता है ।

 

 


=>माई बाप! क्यों हमारे फंडामेन्टल राइट को लात मार रहे हैं । हफ्ते भर के लिए बाहर जाने दें । चुनाव सिर पर है । धंधे का टाइम आ पहुंचा है । बाल बच्चों के लिए हम भी दो रोटी का जुगाड़ कर लें ।

 

5 Responses to “बच के रहना रे बाबा । (हास्य-व्यंग्य)”

  1. चुनाव के तीन चरणों में दिए गए भाषण के सर तत्त्व.

    अभी तक मैंने सबसे अच्छा काम किया, और मौका मिलेगा तो सबसे अच्छा मैं ही करूंगा. –मेनीफेस्टो तक
    विरोधी दल का नेता एकदम निकम्मा है. मेरे कुछ अलान फलां सवालों का जवाब दें. -चुनाव से ठीक पहले तक
    जीतने वाला: धन्यवाद जनता ने सबसे अच्छी पार्टी को देश चलने का भार दिया है. (मन ही मन अब हम पञ्च साल तक जैसे मन होगा वैसे चूसेंगे)
    हारने वाला: जनता को बरगलाया गया है, धांधली हुई है, हम अगेल चुनाव का इंतजार करेंगे.

    बच के रहना आप भी भाजपाई लगते हो. भविष्य में मेरा नेता बनाने का सपना है आपको प्रचार प्रसार के लिए संपर्क करूंगा. मुकर न जाईयेगा.🙂

  2. I’ll gear this review to 2 kinds of people: current Zune owners who’re considering an upgrade, and people attempting to decide from a Zune and an iPod. (There are many players worth taking into consideration on the market, such as Sony Walkman X, but I hope this provides you with you sufficient info for making an educated decision on the Zune vs players other than the iPod line as well.)

  3. Thank you for sharing superb informations. Your websiteis so cool.I am thankful for the important points that you’ve about this blog. It reveals how nicely you perceive this subject. Bookmarked this web page, will come backfor extra articles. You, my pal, ROCK! I stumbled upon this is the info I already searched all over the place and just couldn?t encounter. What ideal website. I prefer this web internet site as well as your website is without question certainly one of my new favorite ones.I like this amazing site given and possesses given me a dedication to have success for some purpose, so thanks

  4. Thanks so much for your downright post.this is the words that sustains me on course straight through out my day. I have been searching around with this site after being called them at a colleague and was thrilled when i was able to locate it after searching for long time. To be a demanding blogger, i’m hopeful to remarked further ones taking initivative and triggering the city. True wanted to comment to demonstrate my appreciation for the website which is very intelligent to do, plus some writers do not accumulate acknowledgment they deserve. I am definite i’ll be back and can send a few of my buddies.

  5. Albertina said

    Valuable information and excellent design you got here! I would like to best wishes for sharing your thoughts and time into the stuff you post!! Thumbs up! I just hope to have understood this the way it was meant. My kind regards, Albertina.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: