सुदर्शन

मुंबई पर आतंकी हमला

Posted by K M Mishra on December 3, 2008

               

         नपुंसक सरकार
   
        26 नवंबर 2008 को देष एक बार फिर शर्मसार हुआ जब मुंबई का दस पाकिस्तानी आतंकवादियों ने लगातार 60 घंटे तक सामूहिक बलात्कार किया । देश पर हुए सबसे बड़े आतंकवादी हमलों में से एक था यह हमला और दिल्ली की नंपुसक सरकार यही कहती रही – प्लीज़ आतंकवाद की राजनीति मत करिए (प्लीज़ हमारे भगंदर पर जोर से लात मत मारिए, खून निकल आयेगा )। इनसे आंतकवाद की बात करेंगे तो ये पिछली सरकार के कार्यकाल में हुई आतंकी घटनाओं का जिक्र करने लगते हेैं । देशवासियांे ने कांग्रेस सरकार का कौन सा कर्जा खाया है कि अगर पिछली सरकार के कार्यकाल में आंतकी घटनाएं घटीं थीं तो इससे तुमको कौन सा लाईसेंस मिल जाता है कि तुम भी आतंकी घटनाओं पर आॅंखे मूंदे रहो और हाथ पर हाथ धरे रहो और जब तुमसे कोई पूछे तो बार बार यही दोहराओे कि उनके समय में भी तो संसद पर हमला हुआ था । अरे जनखों, तुम्हारे कार्यकाल मंे ही भारत आतंकी घटनाओं में पूरे विश्व में पहले नम्बर पर जा पहुंचा है । इराक और अगानिस्तान में भी इतने आतंकी हमले नहीं हो रहे हैं जितने तुम्हारे कार्यकाल में सम्पूर्ण भारत मंे हुए हैं । भारत के गृहमंत्री और प्रधानमंत्री ऐसे शख्स को बनाया गया जो कि अपने दम पर लोकसभा का इलेक्शन नहीं जीत सकते, जो अपना चुनावक्षेत्र नहीं संभाल सकते हैं उनको देश संभालने की जिम्मेदारी सौंप दी गई सिर्फ इसलिए क्योंकि वे 10 जनपथ के प्रिय दरबारी रहे हैं ।

         गृह मंत्री शिवराज पाटिल का इस्तीफा, संघीय जांच एजेंसी की स्थापना और एन0 एस0 जी0 की चारों महानगरों में नियुक्ति के लिए कांग्रेस सरकार को मुंबई पर हमले का इंतजार था । जब दुश्मन देश के आतंकियो ने देश की इज्जत तार तार कर दी और जब देशवासियों का गुस्सा केन्द्र सरकार के खिलाफ सातवें आसमान पर पहंुच गया तब बेचारे, निरीह, गऊ समान, श्रृंगार रस के धनी, स्त्रैण गृह मंत्री की बलि चढा कर जनता जनार्दन के गुस्से को शांत करने की असफल कोशिश की गई ।

        आखिर आतंकियों को रोकें भी तो कैसे । केन्द्रीय मंत्री पासवान की नजरों में बंग्लादेशी घुसपैठिये निहत्थे और बेरोज़गार भाई हैं (जिनकी गरीबी दूर करने के लिए आई0 एस0 आई0 नकली नोट मुहैया कराती है) और कश्मीर के आतंकवादी उन्हें गुमराह भाई लगते हैं, जिनको हमारा दुश्मन पड़ोसी देष हथियार और राजनैतिक सर्मथन देता है, आजादी के दीवाने कह कर । जब सारी इंटेलीजेंस और सुरक्षा एजेंसियाॅं चुनाव जीतने के लिए हिंदू आतंकवाद का नाटक खेलने मंे लगा दी गईं हो तब असली आतंकवादियों के लिए ऐसे मौके सोने पे सुहागा ही साबित होंगें । पांच-पांच नारको टेस्ट  ना तो अफजल के किये गये होंगे और ना ही अबु सलेम के लेकिन एक बेबस औरत के सिर्फ इसलिए किये गये ताकि विपक्षी पार्टियाॅं मुस्लिम आतंकवाद का मुद्दा चुनाव में न उठा सकें । सिर्फ एक नारको टेस्ट दिल्ली में बैठे नेताओं का करा दीजिए, ऐसे-ऐसे राज़ उगलेंगे कि देष मंे हुए बडे़-बड़े घोटालों और आपराधिक षडयंत्रों की पोल खुल जाएगी और तिहाड़ में जगह की कमी पड़ जायेगी ।

         ताज होटल में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख का फिल्म निर्देशक रामगोपाल के साथ जाना और फिर प्रेस कान्फे्रेंस मंे बेशर्मी की हंसी हंसना और केरल के मुख्यमंत्री अच्युतानंद का शहीद मेजर यूनीकृृष्णन के घर वालों के लिए कहना ”अगर ये मेजर यूनीकृष्णन का घर न होता तो यहाॅं कुत्ता भी मूतने न आता“ सिर्फ इन लोगों के मानसिक दीवालियेपन को ही साबित करता है । ये नेता सत्ता के नशें में इतने चूर हो चुके हैं कि अब इनका दिमाग दारू पीकर नाली में लोटने वाले शराबियों से भी गया बीता है । ये इतने नशे में डूबे हुए हैं कि इनकी ज़बान और दिमाग के बीच के सारे तार शॅार्टशर्किट कर चुके हैं । ये कहाॅं और क्या बोल रहे हैं, इसकी इनको कोई खबर नहीं रहती है । अगर धर्म अफीम होता है तो सत्ता भी साली चरस और स्मैक से कम नशा नहीं करती है ।

              अब लगे हुए हैं पाकिस्तान से रिक्वेस्ट करने मंे ”जी आपने जो पागल कुत्तेे पाल रखे हैं उन्हें आप बांध कर क्यों नहंीं रखते हैं । आखिर आपको भी तो इन दिनों काट खा रहे हैं । इनको पट्टे से बांध कर रखिए नहीं तो हम अमेरिका से शिकायत कर देंगे, वो आजकल पागल कुत्तों को देखते ही गोली मार रहा है ।“ उधर जन्म का हरामी पाकिस्तान है, उधर से बयान आता है ”हमारे यहाॅं कोई पागल कुत्ता-उत्ता नहीं है । जो हैं भी, तो वो कश्मीर की आजादी के लिए लड़ने वाले वफादार कुत्ते हैं, जिन्हें हमारी फौज और आई0 एस0 आई0 दूध-रोटी देती है ।“ तो इस तरह से प्रेम भरी चिट्टी-पत्री दोनों तरफ से भेजी जाती रहती हैं । ऐसी मखमली कूटनीति के मारे हैं कि दुश्मन देश को फूलों की छड़ी से भी छूने से परहेज करते हैं । डरते हैं कि चुनाव में मुस्लिम वोट हाथ से निकल जायेंगे ।

               अरे अगर दिमाग को लकवा ही मार गया है तो एक सुझाव ये भी ले लो । पाक अधिकृत कश्मीर एक विवादस्पद इलाका है, पाकिस्तान देश का हिस्सा नहीं है । जैसे अगानिस्तान से सटे पाकिस्तानी इलाके मंे अमेरिकी सैनिक अभियान चला कर आतंकवाद का सफाया कर रहे हैं उसी तरह से आप भी पी0ओ0के0 पर हमला बोल दो और सफाई दो कि आंतकवादियों से लड़ने में हम भी पाकिस्तान की मदद कर रहे हैं और पी0ओ0के0 पर कब्जा  करके  बेनज़ीर के मियाॅं को ठेंगा दिखा दो । तुम नेताओं को अपने ऊपर भरोसा नहीं होगा पर हम भारतीयों को अपनी सेना पर पूरा भरोसा है ।  लोहे को लोहा  ही काटता है और ज़हर का तोड़ ज़हर ही होता है । सांप को चाहे जितना दूध पिलाओ, काटना और फुफकारना वो कभी नहीं छोड़ेगा, इसलिए इस सांप के दांत तोड़ना अब जरूरी हो गया है लेकिन तुम केचुओं से कोई उम्मीद करना ही बेमानी है ।

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