अबे ओ ! कमनसीब, नासपीटे । रूक जा । इत्ती तेज गाड़ी भगा कर कहां ले जा रहा है ? क्या पाकिस्तान का बार्डर फोड़ कर इरान में जा कर टक्कर मारेगा ।=> 

=>परेशान मत हो अब्दुल्ला, वो अपने भूतपूर्व राष्ट्रपति जनरल मुशर्रफ होगें । जब से सुप्रीम कोर्ट ने उनके ऊपर पाकिस्तान में इमरजेंसी लगाने और सुप्रीम कोर्ट के 60 जजों की बर्खास्तगी के मामले में नोटिस जारी किया है तब से वो ऐसे ही दुनिया भर में कार भगा रहे हैं । अब तो लगता है कि वो लंबे समय तक तड़ीपार रहेंगे ।
=>
इक रस्ता,
आहा, आहा ।
इक राही,
आहा, आहा ।
अब हूं चोर,
पहले था सिपाही,
आहा, आहा ।
Archive for the ‘कार्टून’ Category
मुशर्रफ फरार (व्यंग्य/कार्टून)
Posted by K M Mishra on अगस्त 6, 2009
Posted in 23555918, आतंकवाद, आर्थिक, कार्टून, पाकिस्तान, भ्रष्टाचार, मीडिया, मुशर्रफ, हिन्दी हास्य व्यंग्य, cartoon, corruption, emergency, Hasya Vyangya, Humor, kargil war, traffic police | Tagged: आतंकवाद, कार्टून, पाकिस्तान, भ्रष्टाचार, मुशर्रफ, राजनैतिक विसंगतियों, cartoon, comedy, corruption, emergency, Hindi, Humor, traffic police, Vyangya. | 10 Comments »
इमरान हाशमी फुटपाथ पर । (व्यंग्य/कार्टून)
Posted by K M Mishra on अगस्त 3, 2009


बालीवुड के चुम्मा किंग इमरान हाशमी ने कहा है कि मुसलमान होने के कारण उनको मुंबई मे घर नहीं मिल रहा ।
तो क्या पिछले पांच साल से इमरान हाशमी मुंबई की फुटपाथों पर अपनी रातें गुजार रहे थे । =>
Posted in इमरान हाशमी, कार्टून, मीडिया, bollywood, cartoon, comedy, Hasya Vyangya, Humor, Imaran Hashmi, mumbai | Tagged: इमरान हाशमी, कार्टून, bollywood, cartoon, comedy, Hasya, Hindi, Humor, Imaran Hashmi, mumbai, Vyangya. | 11 Comments »
आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री कभी स्वीपर थे । (व्यंग्य/कार्टून)
Posted by K M Mishra on अगस्त 3, 2009
आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री केविन रूड ने शुक्रवार को सिडनी मार्निंग हेराल्ड अखबार से अपने बीते दिनों की चर्चा करते हुये बताया कि देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचने से पहले उन्होंने टायलेट साफ करने और पोछा लगाने की नौकरी भी की है ।

भइया, वो आस्ट्रेलिया है । वहां तरक्की के बहुत चांस है । यहां तो स्वीपर जन्म भर स्वीपर ही रहता है और उसकी औलाद भी स्वीपर ही रहती है । बहुत हुआ तो वो किसी सरकारी दफ्तर में स्वीपर हो जायेगा । भारत का प्रधानमंत्री बनने के लिये गांधी-नेहरू परिवार में जन्म लेना इस पद के लिये अनिवार्य योग्यता है, दूसरी खूबियां बाद में देखी जाती हैं ।=>
Posted in कार्टून, मीडिया, हिन्दी हास्य व्यंग्य, cartoon, comedy, employement, Hasya Vyangya, Humor | Tagged: Australia, कार्टून, सिडनी मार्निंग हेराल्ड अखबार, हिन्दी हास्य व्यंग्य, cartoon, comedy, employement, Hasya, Hindi, Humor, Kevin Rude, news paper, Prime Minister, sidney morning herold, Vyangya. | 10 Comments »
अभी तो मैं जवान हूं । (व्यंग्य/कार्टून)
Posted by K M Mishra on अगस्त 1, 2009
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष बूटा सिंह के सुपुत्र सरबजोत सिंह को कल सी.बी.आई ने ठेकेदार रामाराव पाटील से एक करोड़ रूपये घूस लेने के आरोप में हिरासत में ले लिया । इस पर श्री बूटा सिंह का कहना था कि यह सब उनके राजनीतिक कॅरियर को समाप्त करने का षडयंत्र है ।

ओये बूटे ! मेरे यार । तुसी ये बता कि आम हिन्दुस्तानी तो साठ साल की उम्र में रिटायर हो जाता है । तू 70-75 साल की उम्र में भी रिटायर नहीं होना चाहता । सच्ची सच्ची बता, तू क्या 110 साल की उम्र में रिटायर होगा । ये तेरी रब को याद करने की उम्र है कि घूस खाने की । कुछ तो शर्म कर । इस्तीफा दे-दे और जाकर स्वर्ण मंदिर में मत्था टेक अपना । वाहे गुरूजी तेरे को माफ करने की पूरी कोशिश करेंगे ।
Posted in आर्थिक, कार्टून, घूस, बूटा सिंह, भ्रष्टाचार, मीडिया, हिन्दी हास्य व्यंग्य, cartoon, comedy, Hasya Vyangya, Humor | Tagged: कार्टून, घूस, बूटा सिंह, भ्रष्टाचार, राजनैतिक विसंगतियों, हिन्दी हास्य व्यंग्य, cartoon, comedy, Hasya, Hindi, Humor, Vyangya. | 9 Comments »
सानिया की मोहब्बत में है दम (व्यंग्य/कार्टून)
Posted by K M Mishra on जुलाई 29, 2009
जीत जायेंगे हम, तू अगर संग है । ज़िंदगी हर कदम एक नई जंग है ।

![]()
सानिया मिर्ज़ा और उनके बचपन के मित्र मुहम्मद सोहराब मिर्ज़ा की सगाई के बाद ये कयास लगाये जा रहे थे कि सानिया मिर्ज़ा का कैरियर अब शायद ज्यादा दिन नहीं चलेगा । लेकिन बचपन का प्यार परवान चढ़ा और सगाई के बाद अपने पहले ही टूर्नामेन्ट में सानिया ने अपनी मोहब्बत की ताकत का दमदार प्रदर्षन करते हुये अमेरिका के लेक्सिंगटन शहर में आई.टी.एफ. चैलेंजर टेनिस टूर्नामेन्ट का फाइनल फ्रांस की जूली कोइन को हरा कर जीत लिया ।

ये खबर जब सिंगापुर में हस्पताल की बेड पर कराहते अमर सिंह ने पढ़ी तो वो बुदबुदाये ”सानिया की मुहब्बत में हे दम, क्योंकि यू.पी. में था अपराध कम ।“ पास ही सपत्नी बैठे अमिताभ बच्चन ने अमर सिंह का हाथ छूकर कहा । ”अमर भइया! अब पिछली बातें भूल जाइये । छोटी-छोटी बातों को दिल पर मत लिया कीजिये और मैं तो कहता हूं कि किडनी पर भी मत लिया कीजिये ।”
अमर सिंह आजकल सिंगापुर के प्राइवेट हस्पताल में अपनी किडनियां झड़वा-फुकवा रहे हैं ।

Posted in 23352730, amar singh, कार्टून, खेल, टेनिस, बाजार, भारत, मीडिया, सानिया मिर्ज़ा, हिन्दी हास्य व्यंग्य, cartoon, comedy, Hasya Vyangya, Humor, photos, sania mirza, sports, tennis | Tagged: amar singh, कार्टून, खेल, मीडिया, सानिया मिर्ज़ा, हिन्दी हास्य व्यंग्य, cartoon, comedy, Hasya, Hindi, Humor, sania mirza, sports, tennis, Vyangya. | 7 Comments »
ज़रा आंख में भर लो पानी (विजय दिवस पर विशेष) (व्यंग्य/कार्टून)
Posted by K M Mishra on जुलाई 27, 2009


कारगिल युध्द . भाग -2
71 के बाद 99 (28 साल का अंतर) एक पूरी पीढ़ी के उग आने का समय । एक पूरी पीढ़ी पैदा होकर जवान हो गई, पाकिस्तान में भी, हिंदुस्तान में भी । युध्द पढ़ा था किताबों में, सुना था बुजुर्गों से, और देखा था टी.वी. पर युध्द आधारित कार्यक्रमों में । कारगिल: हमारी ताज़ी दोस्ती का प्रतीक (लाहौर यात्रा), 28 साल के लम्बे अन्तराल के बाद तूफान का प्रतीक, 50 साल से सुलगती राख में एक चिंगारी का प्रतीक । यह चिंगारी अचानक हवा पाकर शोला हुई, भभकी और हमारे 400 जवानों के खून से अपनी प्यास बुझा कर ठंडी हो गई । कारगिल नई पीढ़ी के लिये एक नया अनुभव था ।
इन दो महीनों में देश में राष्ट्रप्रेम का भीषण ज्वार आया । वीर सैनिकों को रक्तदान के लिये इतनी भीड़ जुटी की इतना खून कैसे, कहाँ सुरक्षित रखें एक प्रश्न था । ज़ज्बा सिर्फ एक कि हमारा लहू उस लहू से मिल जाये जो हिमालय पर काम आया । अरबों रूपये शहीदों के परिवारों के लिये दान दे दिये गये । सहारा परिवार ने 300 सैनिकों के परिवार की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली । सारा देश आज सैनिकों के साथ है ।
सरहद के उस पार से गलतफहमियों और सरकारी अफवाहों ने कारगिल पचड़ा शुरू किया । पाकिस्तान और उसकी सेना को यह गलतफहमी है कि किराये के बम और मिसाइलों से वह भारत को फतह कर लेगा । 28 साल में वहां के बूढ़ों की याद्दाश्त कमज़ोर पड़ गई और उनके बच्चों ने गलतफहमियां पाल ली कि अब तो इंडिया गया समझो । नादान पड़ोसी । हिंदुस्तान कोई अफ्गानिस्तान नहीं है । एक अरब में से 1 प्रतिशत भारतीय भी खड़ा हो गया तो पाकिस्तान नक्शे में ढ़ूढ़ते रह जाओगे । ”अरे यहीं कहीं तो था इंडिया और इरान के बीच में । कहाँ गया ?”
उनको पड़ी है कि एक युध्द में कश्मीर झपट लेंगे । हम राह देख रहे हैं कि बंग्लादेश हो गया, अब पाकिस्तान भी निपटा दें । कारगिल को युध्द नहीं कहा जा सकता है । लगभग 100 किमी. के अखाड़े में डंड बैठक हो गई । पाकिस्तान को अक्ल आ गई कि अपनी औकात पंजा लड़ाने की भी नहीं है अगर कुश्ती हुयी तो एक भी हड्डी साबूत नहीं बचेगी । अमेरिका से चंदा मांगकर जैसे तैसे रोटी चलती है । इंडिया ने ठोंक दिया तो अस्पताल का बिल भी वल्ड बैंक खाते में जोड़ लेगा । ( या फिर कफ़न का खर्चा ) ।
नवाज शरीफ चीन गये । चीन ने कहा ‘अच्छे बच्चे लड़ाई नहीं करते । चलो इंडिया को सॉरी बोलो और कारगिल खाली करो ।’ नवाज नहीं माने । अमेरिका गये । क्लिंटन ने समझाया ‘शांति से रहना सीखो, नहीं तो पॉकिटमनी भी बंद कर दूँगा ।’ बिचारे शरीफ सोचे इंग्लैंड से भी बात कर ली जाये । उसने भी कह दिया ‘ 50 साल के बच्चे अब तो बड़े बन जाओ । ये लड़ना झगड़ना कब छोड़ोगे ? बच्चों कि लड़ाई में बड़े नहीं पड़ते । चलो कारगिल वापस करो ।’ शरीफ शराफत से पाकिस्तान लौट आये । डर भी लग रहा था कि कहीं सरहद पर हिंदुस्तान की तरफ मुँह की हुई तोपें अगर इस्लामाबाद की ओर मुड़ गईं तो उनकी खटिया खड़ी और तख्ता पलट जायेगा ।
शरीफ ने घुसपैठियों से अपील की ”मुज़ाहिद भाइयों, अब वापस आ जाओ । इंडिया डर गया है । इस्लाम कहता है कि डरे हुये को सताना गलत है । वापस आ जाओ (अगर जिंदा हो तो, लाशें हमारे किसी काम की नहीं) क्योंकि हमारा मकसद पूरा हो गया है (लात खाये बहुत साल हो गये थे, बल भर खा लिया है ) वापस आ जाओ क्योंकि अब तुमको देने के लिये राशन और गोलियां खत्म हो गई हैं और हमारी जेब भी खाली हो गई है । हमको मालूम है कि तुम बहुत बहादुरी से लड़ रहे हो पर किसी गरीब मजलूम पर जुल्म नहीं ढ़ाना चाहिये । इंडिया को सबक मिल गया है । कश्मीर मुद्दे का अन्तर्राष्ट्रीय करण हो गया है (कोई भी देश पाकिस्तान के साथ नहीं है । कश्मीर इंडिया के ही पास रहेगा ) वापस चले आओ नहीं तो इंडियन आर्मी पाकिस्तान में घुस आयेगी और हम लोगों को इरान, अफ्गानिस्तान में शरणार्थी बन कर रहना पड़ेगा
कारगिल से घुसपैठियों ने जवाब दिया । ”कमीने शरीफ, तुमने हमको धोखा दिया । हमारे पास खाने को कुछ नहीं है । गोली और गोले खा कर हमारे काफी साथी मारे गये । तुमने कहा था भारतीय कमजोर होते हैं पर वो तो हमारे बाप निकले । एक बार यहाँ से निकल भागें तो तुमको भी देख लेंगें ।” तभी वहाँ एक गोला गिरा ”बड़ाम” । ”अब क्या देखेंगे, खेल ही खत्म हो गया । आह…… मरा….रे.. ।”
युध्द खत्म हो चुका है और अब उनकी बारी है जो युध्द कभी नहीं लड़ सकते पर काठ की तलवारें लहराने में माहिर हैं । ये हैं हमारे आदरणीय नेतागण और बुध्दजीवी का लेबल चिपकाये हुये तमाम बुध्दिजीवी । कारगिल को चुनावी मुद्दा नहीं बनाया जायेगा पर हम देखेंगे कि कारगिल का बारूद तेरहवीं लोकसभा में काम आयेगा । पिछली 18 जुलाई रविवार को रात्रि मे एक कार्यक्रम मुंबई के फिल्मी कलाकारों ने शहीद जवानों को समर्पित किया ‘ऐ वतन तेरे लिये’ । शहीदों की आत्माओं की शांति के लिये तथा उनके दु:खी परिवारों को ढ़ाँढ़स बंधाने के लिये ‘प्यार तो होना ही था’, ‘लवेरिया हुआ’, ‘पहला नशा पहला खुमार’ आदि गाने सुनाये जा रहे थे । बीच बीच में बालीवुड के कलाकार आकर श्रध्दांजलियां दे रहे थे ।
राष्ट्रीय पुरूस्कार से सम्मानित जावेद अख्तर और उनकी पत्नी शबाना आज़मी ने अपने विशाल ज्ञान का परिचय दिया और जोश में भारत की आबादी को ‘साढ़े नौ सौ करोड़’ बताया । कारगिल के शहीद आपका आरकेस्ट्रा सुनने के लिये शहीद नहीं हुये हैं । माना शहादत पर आंसू नहीं बहाये जाते पर मुजरा भी नहीं किया जाता है ।

(ये व्यंग्य अगस्त 1999 में इलाहाबाद से प्रकाशित हुआ था ।)
Posted in आतंकवाद, कारगिल युद्ध, कार्टून, पाकिस्तान, भारत, भ्रष्टाचार, युद्ध, राष्ट्रीय, सामाजिक, हिन्दी हास्य व्यंग्य, cartoon, Humor, kargil war | Tagged: आतंकवाद, कार्टून, पाकिस्तान, भ्रष्टाचार, हिन्दी हास्य व्यंग्य, cartoon, comedy, Hasya, Hindi, Humor, kargil war, Vyangya. | 6 Comments »
देश प्रेम के दो शब्दों के सामंजस्य में वशीकरण मंत्र है, जादू का सम्मिश्रण हैं । यह वह कसौटी है जिस पर देश भक्तों की परख होती है । - मैथिलीशरण गुप्त
























श्री कृष्ण गोविन्दाय नमः स्वाहा .
वक्रतुंड महाकाय कोटि सूर्यसमप्रभ ।
निर्विध्नं कुरू मे देव सर्वकार्येशु सर्वदा ।।
या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।
ऊं नमः कमलवासिन्यै स्वाहा . 
