सुदर्शन

(हास्य व्यंग्य पर आधारित ब्लॉग) अब सुदर्शन www.kmmishra.tk पर भी उपलब्ध है .

दर्द देकर इलाज करनेवाले

Posted by K M Mishra on जून 30, 2010

ऐसा तो नहीं है कि आप कभी बीमार नहीं पड़े होंगे । (अरे भाई बदुआयें नहीं दे रहा हँ ।) छीकें होंगे । कभी बुखार चढ़ा होगा । मलेरिया, टाइफाईड, कॉलरा, टी.वी., शुगर । अरे डरिये नहीं बड़ी आम बिमारी हैं । मेरे कहने का मतलब है कि दवा कौन सी लेते हैं । एलोपैथ या होम्यापैथ । इन पैथियों का अर्थशास्त्र भी भिन्न भिन्न होता है । भिन्न भिन्न तरीका होता है । अब अगर आपको कोई बिमारी हो गई है (माफ करें । कभी न हो । सिर्फ उदाहरण के लिये) और आपकी बिमारी का खर्च आपका विभाग उठा रहा हो तब एलोपैथ चलेगी । इसका स्टैंडर्ड थोड़ा ऊंचा होता है । मेडिकल इक्ज़ाम में भी चे ऊंची चीज होती है । अगर आप नगदऊ को स्वास्थ्य से कम चाहते हैं तो एलोपैथ की शरण में जायेंगे । इसके बारे में एक नकारात्मक तथ्य यह है कि ये बिमारी के साथ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी नष्ट कर देती है । इसलिये बुध्दिमान व्यक्ति सलाह देते हैं कि इमरजेंसी में ही इसको सेवा का अवसर दिया जाये ।

मीठी गोलियाँ । होम्योपैथ । इसका अर्थशास्त्र थोड़ा आम आदमी के लेवल का होता है । बस डाक्टर साहब फीस ऊंची न लें । दवा दारू वाली उक्ति को इन्होंने ज्यादा तत्परता से ग्रहण किया है । इसलिये इनकी अधिक्तर दवाएं एलकोहल होती हैं  । दो बूंद दारू दवा है । दो पैग मस्ती है । उससे ज्यादा पीने पर पीने वाला रोता है और दुनिया हंसती है । इसके बारे में एक खास बात यह है कि यह मर्ज को दबाती नहीं है बल्कि उसका समुचित उपचार करती है ।

एक है अपनी खास चिकित्सा पध्दति, आयुर्वेद । देशी चीज । ये सस्ती भी होती है और मंहगी भी । अगर आपको गैसटिक ट्रबुल है तो त्रिफला  फांक लीजिये या हींग, अजवाइन और भी बहुत से देशी मसाले हैं । और अगर आप शाही इलाज चाहते हैं तो फिर ये दस तोला सोना भी जला कर खिलवा सकते हैं पर ये गैस के लिये नहीं हैं । इसकी खासियत यह है कि इसके लिये घर में ही काफी कुछ उपलब्ध होता है और अगर ज्यादा प्रभाव चाहिये तो किसी वैद्य जी के निकट जाइये । ये ऐसी ऐसी जड़ी बूटियों का नाम गिना देंगे कि खोजे न पाइयेगा । मिलती है पर शहर की किसी खास दुकान पर जिसकी आपको जानकारी नहीं होगी । सी.आई.डी. वाले खोजने में मदद कर सकते हैं यदि उनको भी कोई बिमारी  आयुर्वेद से ही दुरूस्त करनी हो या उनका कोई मुजरिम अपना हाजमा ठीक करने के लिये उस दुकान पर आता हो ।

अब एक ऐसी चिक्तिसा पध्दति की बात करने जा रहा हँ जो की फ्री फंड की है । एक्यूपंचर और एक्यूप्रेशर पध्दति । इस पध्दति में कोई दवा-सवा खाने की जरूरत नहीं है बस शरीर का या हाथ का ही कोई हिस्सा दबा कर बैठ जाओ । ज्यादा तेज आराम चाहिये तो सुईयां खरीद लो और अपने को पंचर करवा लो । इसके अनुसार हमारे शरीर के जितने भी मुख्य अंग हैं उन सबका कनेक्शन कुछ नसों के द्वारा होता है जो कि पूरे शरीर में फैली होती हैं । हर तरह की बिमारी, जुकाम से लेकर कैंसर तक आप इससे ठीक कर सकते हैं । (बताने वाले ने तो यही बताया । )

fakir2 आपने कभी ऐसे साधुओं को देखा होगा जो कि सुई के बिस्तर पर या कांटो की झाड़ पर  लेटे होते हैं । मुझको लगता है कि एक्यूप्रेशर या एक्यूपंचर की शुरूआत ऐसे ही हुयी होगी । चीन वाले तो झूठ बोलने में माहिर ही हैं । कह दिया हमने खोजा है । झूठे, धोखेबाज कहीं के (चीन के) । हां तो मैं कह रहा था कि कांटों के बिस्तर पर कोई बीमार साधु बेहोश हो कर गिर गया होगा । कुछ देर में उसकी सारी नसें तड़ाक फड़ाक ठीक हो गई होगी । बुध्दि हरी हो गई होगी । सटाक से उसने चिलम निकाली होगी । गांजा भरा होगा । एक सुट्टा खींचा होगा और जोर से चिल्लाया होगा ‘यूरेका’ ‘यूरेका’ मतलब फ्री फंड का इलाज ।

आधुनिक एक्यूप्रेशर में भी यही होता है । अब आप बबूल के दस फिट के झाड़ को घर में तो रख नहीं सकते हैं इसलिये प्लास्टिक की कांटेदार प्लेट चलन में हैं । उस पर खड़े हो जाइये और स्वस्थ अनुभव कीजिये । टोटल यौगिक आनंद ।

अब चलिये एक्यूपंचर की तरफ । साइकिल में पंचर हो तो हवा निकलती है । शरीर में पंचर हो तो खून निकलता है । ज्यादा बढ़िया फायदा चाहिये हो तो दस ठो सुई  खरीद लो और किसी विशेषज्ञ से ठुंसवालो । दर्द नहीं होता है । बस चींटी सी काटती है । कभी कभी खून निकल आता है पर इससे ज्यादा रक्तदान तो आप हर रात मच्छरों को कर देते हैं । खबराने की कोई जरूरत नहीं है सब ठीक हो जायेगा । इससे भी तेज फायदा चाहिये तो विशेषज्ञों में विशेषज्ञ, सयाने (कसाई) विशेषज्ञ बिजली का भी इंतजाम किये रहते हैं । एक से बारह वोल्ट का करंट सुईयों में प्रवाहित कर देंगे । कुछ नहीं होगा बस हल्का सा चुनचुनायेगा । ज्यादा तेज होगा तो आप खुद ही ”सी” की ध्वनि करते हुये हाथ हटा लेंगे । पर घबराइये नहीं फिर से कोशिश कीजिये ।

ये पध्दति हमारे आम जीवन में भी बहुत कारगर है । अब जैसे सासू मां का सिर दर्द कर रहा है तो बहू गले पर एक्यूप्रेशर का प्रयोग कर सकती है । यदि आपके सिर में दर्द किसी ‘ण’ नाम के आदमी ने उत्पन्न किया हो तो आप एक्यूपंचर विधी अपनायें । इसमें आप सुई की जगह चाकू या कोई भी लंबा नुकिला डंडा ले लीजिये और ‘ण’ के शरीर में कहीं भी जैसे सिर, छाती या पेट में घुसेड़ दीजिये । ‘ण’ खत्म, दर्द खत्म ।

एक्यूप्रेशर और एक्यूपंचर में आधे मरीजों का दर्द सुई, करंट और विशेषज्ञों की निमर्म तत्परता देख कर ही भाग जाता है । बाकी आधा मर्ज भी चला ही जाता है क्योंकि जो भी हो चिक्तिसा पध्दित तो है ही ।

About these ads

11 Responses to “दर्द देकर इलाज करनेवाले”

  1. प्रवीण पाण्डेय said

    एक्यूप्रेशर और एक्यूपंचर में आधे मरीजों का दर्द सुई, करंट और विशेषज्ञों की निमर्म तत्परता देख कर ही भाग जाता है । बाकी आधा मर्ज भी चला ही जाता है क्योंकि जो भी हो चिक्तिसा पध्दित तो है ही

    बहुत ही सुन्दर ।

  2. Shiv said

    बहुत मजेदार और स्वस्थ पोस्ट….:-)

  3. वाकई, है तो चिकित्सा पद्धति..तो कुछ न कुछ तो हो कर रहेगा.

  4. …………जैसे सासू मां का सिर दर्द कर रहा है तो बहू गले पर एक्यूप्रेशर का प्रयोग कर सकती है ………….
    भई वाह क्या सादगी है…..क्या अन्दाज़े बय़ान है पोस्ट पढ्कर मज़ा आ गया….

  5. Maria said

    You have a very good blog that the main thing a lot of interesting and beautiful! hope u go for this website to increase visitor.

  6. doch lerne ich dann ohne Qual,

  7. I saw something about this subject on TV last night. Nice article.

  8. The Zune is focused on to be a Portable Media Player. Not really a internet browser. An excellent game machine. Maybe down the road it’ll do even better in those areas, but for now it is just a easy way organize and listen to your music and videos, and is particularly without peer in that regard. The iPod’s strengths are its web browsing and apps. If those sound more compelling, perhaps it is your most suitable option.

  9. We are really thankful on the author in this post in making this lovely and informative article live in charge of us. We really appreciate ur effort. Maintain the good work. . . .

  10. Certainly completely along with your conclusions and believe you’ve made some excellent points. Also, I’m keen on the layout of your site plus the easier navigation. I’ve bookmarked your website and may return often!

  11. Kandace said

    Thanks for your time for another excellent post. Where else could anyone get that kind of information in such a perfect way of writing? I have a presentation next week, and I am on the look for such information. Respectfully, Kandace.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Connecting to %s

 
Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

Join 57 other followers

%d bloggers like this: