उपद्रवियों ने हाथरस में महानंदा एक्सप्रेस को आग में झोंका । (व्यंग्य/कार्टून)
Posted by K M Mishra on अक्टूबर 1, 2009





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भारतीय रेल, हमारी संपत्ति । अपनी संपत्ति को फूंकने का हमें नैसर्गिक अधिकार है । हा, हा, हा, । सरकार भी हमारा कितना ख्याल रखती है । परिवहन विभाग जल्दी ही उत्तरप्रदेश में 2200 बसें उतारने जा रहा है । अपनी संपत्ति को फूंकने का मजा ही कुछ और होता है । जो घर फूंके आपना चले हमारे साथ ।
देश प्रेम के दो शब्दों के सामंजस्य में वशीकरण मंत्र है, जादू का सम्मिश्रण हैं । यह वह कसौटी है जिस पर देश भक्तों की परख होती है । - मैथिलीशरण गुप्त
























श्री कृष्ण गोविन्दाय नमः स्वाहा .
वक्रतुंड महाकाय कोटि सूर्यसमप्रभ ।
निर्विध्नं कुरू मे देव सर्वकार्येशु सर्वदा ।।
या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।
ऊं नमः कमलवासिन्यै स्वाहा . 

ज्ञानदत्त पाण्डेय said
ओह, कल तो इसके कारण जो व्यवधान हुआ, हमने झेला। मन में बहुत उबाल है – पर क्या करें सार्वजनिक व्यक्त करना भी उचित नहीं है!
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sähkön hintavertailu said
Excellent job over again! Thank you:)