उत्तर भारत में सूखे की आशंका (व्यंग्य, कार्टून)
Posted by K M Mishra on June 27, 2009

=>सखी, इस भीषण गर्मी में चार कोस दूर तालाब से मटकी में पानी भर कर लाते-लाते मेरे पैरों में छाले पड़ गये । एक दिन धरती माता की तरह मेरी कमर भी सूख कर चटक जायेगी ।

=>ए खुदा, पिछले साल मेरे शौहर ने बाढ राहत में खूब पैसा कमाया था, इस साल सूखा राहत में इनको फिट करवा दो । पुरानी स्कोडा कार बदल कर इस साल नई मर्सडीज़ बेंज लेने का इरादा है ।
देश प्रेम के दो शब्दों के सामंजस्य में वशीकरण मंत्र है, जादू का सम्मिश्रण हैं । यह वह कसौटी है जिस पर देश भक्तों की परख होती है । - मैथिलीशरण गुप्त























श्री कृष्ण गोविन्दाय नमः स्वाहा .
वक्रतुंड महाकाय कोटि सूर्यसमप्रभ ।
निर्विध्नं कुरू मे देव सर्वकार्येशु सर्वदा ।।
या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।
ऊं नमः कमलवासिन्यै स्वाहा .
Gyan Dutt Pandey said
ईश्वर इन महिला को अगले वर्ष प्लेन खरीदवादें, पर इस साल बारिश करदें – भले ही इन्हें पुरानी स्कोडा में चलना पड़े!