खाना ख़जाना: भाग – 1 (व्यंग्य/कार्टून)
Posted by K M Mishra on June 10, 2009
=> आइये, आइये तशरीफ लाइये । नोश फरमाइये, मेरे हाथ का बना हुआ ”शीतल मीठा जल“ ।

ऐसे बनाएं ”शीतल मीठा जल“ ।
रेसिपी उर्फ बनाने का तरीका ।
पहले एक प्लास्टिक की बोतल ले लें । या जग में नलके का साफ पानी भर लें । फिर उस प्लास्टिक की बोतल या जग या भगौने को फ्रिज़ में संभाल कर रख लें । करीब 3 से 4 घंटे में आपका ”शीतल मीठा जल” बन कर तैयार हो जाता है । अब इसे आप गिलास में डालकर सर्व करें । बच्चों को पिलाने के लिए स्ट्रा पाइप भी लगा सकते हैं । थोड़ी मीठास और बढ़ाने के लिए आप इसमें दो-दो चम्मच रूहआफजा, रसना, या कोई दूसरा शरबत मिला सकते हैं ।
घर में अगर फ्रिज नहीं है तब आप ”शीतल मीठा जल“ तैयार करने के लिए घड़े का भी इस्तेमाल कर सकते हैं ।
गर्मी के मौसम में घर आये मेहमानों को अपने हाथ का बना ”शीतल मीठा जल“ सर्व करें । सभी आपकी तारीफ करते नहीं थकेंगे ।
चेतावनी: धूप से आकर तुरंत ”शीतल मीठा जल“ पीने से जुकाम और उसके बाद बुखार की भी शिकायत हो सकती है, इसलिए धूप से आकर कुछ देर बाद ही ”शीतल मीठा जल“ का सेवन लाभकारी होगा ।
देश प्रेम के दो शब्दों के सामंजस्य में वशीकरण मंत्र है, जादू का सम्मिश्रण हैं । यह वह कसौटी है जिस पर देश भक्तों की परख होती है । - मैथिलीशरण गुप्त























श्री कृष्ण गोविन्दाय नमः स्वाहा .
वक्रतुंड महाकाय कोटि सूर्यसमप्रभ ।
निर्विध्नं कुरू मे देव सर्वकार्येशु सर्वदा ।।
या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।
ऊं नमः कमलवासिन्यै स्वाहा .
shobha said
ha ha ha kya gazab ki baat batayi hai.
बसंत आर्य said
vaah . mai to thanda ho gayaa ekdam
Gyan Dutt Pandey said
फ्रिज हो, मटका न हो और बिजली न आये तो क्या जुगाड़?
कौतुक said
ha ha ha ha….sabse saral aur achha vyanjan bataya aapne..
K M Mishra said
फ्रिज हो, मटका न हो और बिजली न आये तो क्या जुगाड़?
ज्ञान काका, तब पड़ौसी जिंदाबाद । और अगर पड़ौसी के यहां भी ‘शीतल मीठे जल’ का जुगाड़ न हो पाये, तब, जब तक बिजली न आये तब तक रेसिपी नं0 2 – ‘करारे लाइया-चने’ से टाईम पास किया जाये ।